नई दिल्लीः बीएसएफ से बुधवार को बर्खास्त किए गए जवान तेजबहादुर यादव अपने घर रेवाड़ी पहुंच गए। अपने गृह जिले पहुंचने पर रोडवेज बस से उतरते ही पत्नी शर्मिला, पूर्व विधायक नरेश यादव व अन्य परिजनों ने उनका माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस दौरान वहां मौजूद पत्रकारों से तेज बहादुर ने कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं किया, लेकिन सजा गलत दी गई। सबूत देने के बावजूद बर्खास्त किया गया। ऐसे में वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। तेजबहादुर ने कहा कि वह इस मामले पर सरकार से भी अपील करेंगे। तेजबहादुर कोर्ट में वर्दी पहनकर ही अपने इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगे। तेजबहादुर बोले कि वह अपनी सैलरी में किसी प्रकार की बढ़ौतरी नहीं चाहते हैं, बल्कि वह चाहते हैं कि बस जवानों को अच्छा खाना मिले और समय पर छुट्टियां मिलती रहें । उन्होंने कहा कि वह कोशिश करेंगे कि इस मसले पर प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात करूं।
तेजबहादुर ने बताया कि पहले उन्हें पेंशन और रिटायरमेंट के कागजात तैयार करने को कहा गया, लेकिन बाद में सीधा बर्खास्त कर दिया गया। अब मुझे किसी भी प्रकार की पेंशन या रिटायरमेंट का फायदा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेरे साथ सही तरीके से ट्रायल नहीं किया गया है, मैं अपने साथी को गवाह के तौर पर पेश करना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। तेजबहादुर बोले कि मेरे वीडियो डालने के बाद खाने में लगभग 70 प्रतिशत तक सुधार आ चुका है, मुझे लगा कि वे लोग मुझे मार देंगे, लेकिन मीडिया ने मेरी जान बचाई।
तेजबहादुर ने बताया कि उसने केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत राव से मुलाकात की थी लेकिन कोई मदद नहीं मिली। वहीं तेजबहादुर के बेटे का कहना है कि पहले वह भी सेना में जाना चाहता था लेकिन अब नहीं जाएगा। बता दें कि बीएसएफ ने जवान तेजबहादुर यादव को बुधवार को बर्खास्त कर दिया था। जांच में पाया गया था कि तेजबहादुर यादव के कारण बीएसएफ की छवि को नुकसान पहुंचा है। तेज बहादुर ने कुछ समय पर सुरक्षा बलों को मिलने वाले खराब खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था, जो काफी वायरल हुआ था।
Source:- News Posted by HEDO
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