रोहतक:मोदी सरकार के लाल बत्ती के इस्तेमाल पर रोक लगाने के बाद फेसबुक और ट्वीटर पर दीपेंद्र हुड्डा भी खूब ट्रेंड करने लगे हैं। हरियाणा के फॉर्मर सीएम के बेटे और कांग्रेस दीपेंद्र सिंह हुड्डा के बारे एक खास बात का पता चला, वो यह कि 3 बार सांसद रहने के बावजूद अपने कई साल के राजनीतिक करियर में कभी भी वी.आई.पी. कल्चर को नहीं अपनाते हुए गाड़ी पर लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं किया। इसी बात पर दीपेंद्र हुड्डा सोशल मीडिया में चर्चा पर हैं। मिली जानकारी के अनुसार भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सीएम रहते सी.आई.डी. ने अपनी रिपोर्ट देकर दीपेंद्र को ब्लैक कैट कमांडो रखने की सलाह दी थी। उस समय भी दीपेंद्र ने ऐसा करने से साफ इन्कार कर दिया।
समाज में सभी लोग बराबर हैं:दीपेंद्र
बता दें, हाल ही में हुए पंजाब चुनाव के बाद कैप्टन अमरिंदर की सरकार ने भी सरकारी गाड़ी पर लाल बत्ती न लगाने का फैसला लिया था। पंजाब सरकार इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर दीपेंद्र हुड्डा के वी.आई.पी. कल्चर न अपनाए जाने को लेकर काफी चर्चा हुई थी। इस मामले के सामने आने के बाद जब मीडिया ने उनसे इस बारे में सवाल किए तो उन्होंने कहा था कि समाज में सभी लोग बराबर हैं।
VIP कल्चर खत्म करने को लेकर बोले दीपेंद्र
वीआईपी कल्चर खत्म करने को लेकर दीपेंद्र हुड्डा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनको जनता ने चुना है और जनता के बीच रहना है तो वीआईपी कल्चर को छोड़ना होगा। यह वी.आई.पी. कल्चर ही जनप्रतिनिधियों व जनता के बीच में दूरी पैदा करता है। दीपेंद्र ने एम.डी.यू. से बैचलर ऑफ टैक्नोलॉजी की डिग्री ली थी। इसके बाद वे एम.बी.ए. करने यू.एस.ए. चले गए, जहां उन्होंने इंडियाना यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की।
पिता हरियाणा के 2 बार रह चुके हैं सीएम
दीपेंद्र के दादाजी रणबीर सिंह हुड्डा एक फ्रीडम फाइटर थे। देश आजाद होने के बाद पंजाब सरकार में वे मंत्री भी रहे। इनके बाद दीपेंद्र के पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा 2005 से 2014 तक लगातार दो बार हरियाणा के सीएम रह चुके हैं। बता दें कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा लगातार चार बार 1991, 1996, 1998, 2004 में सांसद भी रह चुके हैं।
Source:- News Posted by HEDO
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